Krishna Gupta

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Krishna Gupta


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इस्लामी टोपी बनाम जनेऊ

Posted On: 30 Sep, 2011  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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कुलदीप नैयर कौन है ???

Posted On: 7 Sep, 2011  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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नेत्तृत्व के विकास का नाश

Posted On: 30 Aug, 2011  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

भाई जी भारत की आम जनता और पाकीस्तान की या कोई दुसरे देश के आम जनता में फरक नही है । उसे देशों की दुशमनी से लेनादेना नही होता है । देशों के बुरे लोग ही दुश्मनी निभाने की जीम्मेदारी लेते हैं । पाकिस्तान के बुरे लोग भारत की आम जनताको तो परेशान करते हैं साथ में उनकी खूद की जनता को भी परेशान करते है । भारत के बुरे लोग पाकिस्तान की जनता को परेशान करने की हेसियत नही रखते लेकिन वो खूद और पाकिस्तान के बुरे लोगों की मदद से भारत की जनता को परेशान करते हैं । यहां देशों वाली बात नही है, बात है बूरे लोगों की । पाकिस्तान की जनता को यदी भारत से नफरत होती तो शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन की फिल्में वो नही देखते ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

प्रिय अशोक जी, सबसे पहले तो यह कि मेरा आपसे कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है | रही सीधे लेख पर आपका नाम लिखने की बात, तो यह इसलिए की कहीं भूल -वश भी यह आपसे चुक न जाये | मैं आपसे इस विषय पर जागरण जंक्शन पर चर्चा करना चाहता हूँ | अब आते है नफरत और मोहब्बत पर | हम गाँधी के देश में रहते हैं | वही गाँधी जो हमारे राष्ट्रपिता हैं | जिनके अहिंसा के पाठ से मोह के कारन अफजल और कसाब को हमारी सरकार जिन्दा रखे हुए है | अशोक जी, मेरी नफरत इंसानों के प्रति नहीं बल्कि उनके विचारों के साथ है | क्योंकि इन्सान तो जल्दी मर जाता है | लेकिन उसके विचार हजारों साल तक जिन्दा रहते हैं | मेरी समस्या यह है कि खुद को सेकुलर दिखने की होड़ में भारतीय यह भूल जाते हैं की पाकिस्तान हमें हजार जख्म देने की नियत पर चल रहा है | जो लोग पाकिस्तान में पैदा हुए और बटवारे के बाद भारतीय हो गए (जैसे जगजीत सिंह जी ), अगर वे पाकिस्तान की तरफदारी करें तो निश्चित रूप से मैं उनकी मौत की कामना करूँगा | लेकिन क्योंकि वे शुद्ध रूप से भारतीय हो गए हैं, अतः उनकी ईमानदारी पर शक करना उचित नहीं | अपने सरकार की गलतियाँ इंगित की हैं | मैं पूछता हूँ कि अगर हमारी सरकारें पाकिस्तान के सामने नतमस्तक होने में शर्म नहीं करतीं तो क्या आप और हम भी वैसा ही करेंगे ?? समस्या राजनेता नहीं बल्कि जनता में है | अन्ना हजारे जी ने दिखा दिया की अगर जनता की इच्छा - शक्ति प्रबल हो तो सरकार को कुछ विशेष विचारों पर मोड़ा जा सकता है | जब आप जैसे लोग जो जनता हैं पाकिस्तान कि तरफदारी करेंगे तो सरकार (लुंज - पुंज सरकार ) कैसे और क्यों पाकिस्तान की खिलाफत करेगी ?? श्रीमान जी भारत को नरम राष्ट्र कहते हैं | क्योंकि हम अपने बुजुर्गों, भाइयों - बहनों और बच्चों की हत्या करने वाले देश के बाशिंदों से हमदर्दी रखते हैं | हम उस कौम की नस्ल हैं जिसने पाकिस्तान के 96000 सैनिकों को बंदी बनाने के बावजूद भी अपना कश्मीर खली नहीं कराया, जबकि वह अपने सारे सैनिकों को छुड़ा कर लेता गया | हम युध्बंदियों के मनोरंजन की व्यवस्था में लगे रहे, और परिणाम स्वरुप हमारी हजारों किलोमीटर जमीं आजादी के 65 साल बाद भी पाकिस्तान के कब्जे में है | मैं केवल सख्ती करने के लिए आग्रह कर हूँ | लेकिन आप कह रहे हैं कि वे गाना अच्छा गाते हैं इसलिए हम उनसे से दोस्ती कर लें | क्योकि वे गजल अच्छी लिखते हैं इसलिए हम उनसे दोस्ती कर लें | तो मैं पूछता हूँ कि वे बम भी बढ़िया बनाते हैं, अब हम क्या करें ?? दोस्ती कर लें ?? अशोक साहब, हमने दोस्ती की कोशिशें जारी रखीं, इसीलिए मात खा रहे हैं | मैं कहता हूँ की जब तक हम अपने सारे रिश्ते उस घटिया मुल्क से ख़त्म नहीं करते समस्या बढती ही जाएगी | क्या आपके पास इस प्रश्न का कोई जवाब है कि पाकिस्तान की युवा पीढ़ी को प्रस्तुत करने वाली पाकिस्तानी विदेश मंत्री भारत में घुसते ही अलगाववादियों से मिलने क्यों चली गई ?? आप उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं सर, लेकिन वे सिर्फ एक कोशिश में हैं ---- कि वे आपको कब, कहाँ, कैसे और कितने बेहतरीन तरीके से मार सकते हैं ??

के द्वारा: Krishna Gupta Krishna Gupta

पहले तो मुझे ये बात समझ नहीं आयी कि जब हम मंच के किसी कोने में इस विषय पर चर्चा कर रहे थे तो आपको इसका जवाब वहीँ पर देना चाहिए था. इस तरह मेरा नाम छपा विज्ञापन का पोस्टर लगाने कि क्या जरूरत पड़ गयी थी. मै तो सदैव मंच पर हूँ. आप कि मेरी प्रतिक्रिया के प्रति जो भी जिज्ञासा हो मै हूँ ना. आप इतने विचलित क्यों हैं? मै समझ नहीं पाया कि आप सिर्फ पाकिस्तानियों से नफरत करते हैं या हिन्दुस्तानियों से भी नफरत करते हैं या हो सकता है आप को दुनायावालों से ही नफरत हो. आपने कुछ पाकिस्तानी कलाकारों के नाम लिखे हैं शायद आपको और भी बाकि कलाकारों के नाम याद नहीं या आप भूल गए होगे. उसमे से एक कलाकार का गाना " थोड़ी सी तो लिफ्ट करा दे " शायद आपने कभी नहीं गया होगा. कुछ संगीतकार भी हैं, शायद आपने उनकी फिल्मे नहीं देखि होंगी, कुछ और भी अभिनेत्रियाँ हैं जिनकी फिल्मे भी आप अवश्य ही देखना पसंद नहीं करते होंगे, कुछ बहुत ही प्रसिध्ध शायर हुए हैं शायद आप ने कभी उनकी शायरी पर बने नगमे नहीं गुनगुनाये होंगे. फिर कुछ और कसूरवार हैं जो जन्मे तो पाकिस्तान में मगर हिन्दोस्तान की बागडोर सम्भाल रहे हैं. शायद उन राजनेताओं का आपको इस्तीफा चाहिए होगा, कुछ फ़िल्मी कलाकार हैं जो शायद जबरन यहाँ के लोगों का मनोरजन करते थे, एक मशहूर गजल गायक जो जीवन म्रत्यु के बीच झूल रहे हैं आप कभी उनके दीर्घायु जीवन की प्रार्थना नहीं करेंगे और भी बहुत है जो पाकिस्तान से जुड़ा क्या क्या बताऊँ मै? हाँ आपको शायद दाऊद इब्राहीम कासकर के उन साथियों से नफरत न हो जिन्होंने हिन्दोस्तान के कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया और हिन्दोस्तान में ही रह रहे हैं. हाँ आपको उन लोगों से नफरत न हो जो देश के साथ गद्दारी कर के आतंकवादियों का साथ देते हैं.भाई ये सभी हिन्दुस्तानी है इनसे नफरत नहीं कर सकते आप. यदि आप को सिर्फ पाकिस्तानी होने से ही नफरत है तो आप उन लोगों को तो अवश्य ही सही कहेंगे जिन्होंने आस्ट्रेलिया में कुछ लोगों को इस लिए मार दिया की वो हिन्दुस्तानी थे.आये दिन ब्रिटेन में हिन्दुस्तानी होने के कारन कई लोगों से बदसलूकी की जाती है अवश्य ही आप की नजर में वोह सही होगा. भाई मेरे नफरत करना है तो बुराई से करो किसी देश में जनम लेने के कारन कोई किसी का दुश्मन नहीं हो जाता. मैंने तो काफी कह दिया शायद जरूरत से भी ज्यादा इसके आगे तो मै यही कह सकता हूँ भगवान मुझे सदबुध्धि दे.

के द्वारा: akraktale akraktale

प्रिय कृष्ण जी ,.सादर अभिवादन आपकी भावनाए निश्चित ही उचित हैं ,...पाकिस्तान के हाथ हिंदुस्तानिओं के खून से रंगे हैं,..और अभी भी वो बाज नहीं आ रहे हैं ,..कश्मीरी पंडितों के साथ जो अत्याचार हुआ है उसमें पाकिस्तान की सहमति तो है ही ,...हमारी सरकारें क्या कर रही थी ????...मैं हिन्दुस्तान की सरकारों को ज्यादा दोषी मानता हूँ ,.. वहां की राजनीति में कठमुल्लाओं और ISI का बहुत दखल लगता है जो सबके लिए बहुत ही खतरनाक है ,...जनता लगभग हर जगह परिस्थिति के अनुसार आचरण करती है ,.. .आदरणीय अशोक जी का कहना था कि यदि वहां की जनता जागना चाहती है तो अच्छी बात है ,....उनकी बात से आप असहमत हैं तो अच्छा है,. लेकिन उनकी भावनाएं भी आप जैसी ही हैं ,.. नजरिये का फर्क हो जाता है ,...मुझे विश्वास है कि आप मेरी बात का बुरा नहीं मानेंगे ,..सादर धन्यवाद

के द्वारा: Santosh Kumar Santosh Kumar

कृष्ण जी, अगर अन्ना इन्टर नॅशनल बनते हैं तो क्या हर्ज है । माना की उनकी यहां ज्यादा जरूरत है । साजिशें हो रही है लोकपाल नकारने की । लेकिन हर बार, हर जगह अन्ना ही क्यों । दूसरी ब्रीगेड को भी काम करने दो । . आज भारत पाकिस्तान ही नही सारी दुनिया परेशान है भ्रष्टाचार से । सब देश दिवालिये हो गये है, ऐसा नही है की सब ने अपनी अपनी करंसी को जला दिया है । पैसे तो है सब देश के पास लेकिन सरकारों के खातों में नही, भ्रष्ट नेताओं और कम्पनियों के खातों में । आम आदमी और सरकार माईनस में है । नेता और उध्योग वाले लोगों का खून पी गये है सब जगह । अच्छा है अन्ना भारत सरकार का नही भारत की जनता का नाम रोशन करेंगे ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

कृष्ण जी, मेरी हार्दिक इच्छा है कि आपकी सोच कि अन्ना देशभक्त हैं बनी रहे क्योंकि विश्वास का टूटना सबसे बुरा होता है, साथ ही मेरी यह भी इच्छा है कि अन्ना पाकिस्तान जरूर जाएँ ताकि वहां की नापाक बुद्धि में भी कुछ अच्छे विचार पनप सकें. अन्ना ने भ्रष्टचार के विरुद्ध जो अभियान छेड़ा है वह जितना व्यापक होगा सभी के हित में होगा जब पाकिस्तानी ये जान पायेंगे कि भारत के विरोध का झुनझुना आवाम को पकड़ा कर वहां भी नेता ऐश कर रहे हैं तो वे भी संगठित होकर पहले अपने अन्दर के भ्रष्टाचार को मिटने की कोशिश करेंगे और निश्चित रूप से उनका मोह आतंकवाद से भंग होगा. एक और बात हम अपने घर में सबसे ज्यादा सफाई कहाँ करते हैं? जहां सबसे ज्यादा गंदगी होती है- टायलेट में! और पाकिस्तान इस समय एशिया का टायलेट बन चुका है. इसलिए आना की हमसे ज्यादा जरूरत पाकिस्तान को है. शुभम मंगलम !

के द्वारा: chaatak chaatak

के द्वारा: manoranjanthakur manoranjanthakur




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